Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.83.28: जिसका संकल्प दृढ़ नहीं है, वह बुद्धिमान, शास्त्रज्ञ और विधि का ज्ञान होने पर भी दीर्घकाल तक कोई कार्य सिद्ध नहीं कर सकता ॥28॥ | mahabharat अध्याय 12.83: सभासद् आदिके लक्षण, गुप्त सलाह सुननेके अधिकारी और अनधिकारी तथा गुप्त-मन्त्रणाकी विधि एवं स्थानका निर्देश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यो वाप्यस्थिरसंकल्पो बुद्धिमानागतागम:।
उपायज्ञोऽपि नालं स कर्म प्रापयितुं चिरम्॥ २८॥
अनुवाद
जिसका संकल्प दृढ़ नहीं है, वह बुद्धिमान, शास्त्रज्ञ और विधि का ज्ञान होने पर भी दीर्घकाल तक कोई कार्य सिद्ध नहीं कर सकता ॥28॥
One whose resolve is not firm cannot accomplish any task even in the long run despite being intelligent, knowledgeable about scriptures and having knowledge of the methods. ॥28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥