Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.83.26: इसी प्रकार जो मंत्री उत्तम कुल में उत्पन्न होकर भी शास्त्रों का अल्प ज्ञान रखता है, वह धर्म, अर्थ और काम से युक्त होने पर भी गुप्त मंत्रणा की परीक्षा नहीं कर सकता॥ 26॥ | mahabharat अध्याय 12.83: सभासद् आदिके लक्षण, गुप्त सलाह सुननेके अधिकारी और अनधिकारी तथा गुप्त-मन्त्रणाकी विधि एवं स्थानका निर्देश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवमल्पश्रुतो मन्त्री कल्याणाभिजनोऽप्युत।
धर्मार्थकामसंयुक्तो नालं मन्त्रं परीक्षितुम्॥ २६॥
अनुवाद
इसी प्रकार जो मंत्री उत्तम कुल में उत्पन्न होकर भी शास्त्रों का अल्प ज्ञान रखता है, वह धर्म, अर्थ और काम से युक्त होने पर भी गुप्त मंत्रणा की परीक्षा नहीं कर सकता॥ 26॥
Similarly, a minister who is born in an excellent family but has little knowledge of the scriptures, cannot test the secret advice even if he is united with Dharma, Artha and Kama.॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥