Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.83.25: जो राजा शक्तिहीन मंत्री के साथ रहता है, वह कभी भी उचित-अनुचित का निर्णय नहीं कर सकता। ऐसा मंत्री प्रत्येक कार्य में संदेह उत्पन्न करता है॥ 25॥ | mahabharat अध्याय 12.83: सभासद् आदिके लक्षण, गुप्त सलाह सुननेके अधिकारी और अनधिकारी तथा गुप्त-मन्त्रणाकी विधि एवं स्थानका निर्देश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो राजा शक्तिहीन मंत्री के साथ रहता है, वह कभी भी उचित-अनुचित का निर्णय नहीं कर सकता। ऐसा मंत्री प्रत्येक कार्य में संदेह उत्पन्न करता है॥ 25॥
A king who is in the company of a minister who lacks energy can never decide what is right and what is wrong. Such a minister creates doubt in every action.॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥