Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.83.21-22: जो लोग विनम्र बुद्धि, सुंदर स्वभाव, तेज, वीरता, क्षमा, पवित्रता, प्रेम, दृढ़ता और स्थिरता से युक्त हों, उनके गुणों की जांच करने के बाद यदि वे राजकार्य संभालने में परिपक्व और ईमानदार सिद्ध हों, तो राजा को चाहिए कि उनमें से पांच व्यक्तियों का चयन करके उन्हें वित्त मंत्री बना दे। | mahabharat अध्याय 12.83: सभासद् आदिके लक्षण, गुप्त सलाह सुननेके अधिकारी और अनधिकारी तथा गुप्त-मन्त्रणाकी विधि एवं स्थानका निर्देश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो लोग विनम्र बुद्धि, सुंदर स्वभाव, तेज, वीरता, क्षमा, पवित्रता, प्रेम, दृढ़ता और स्थिरता से युक्त हों, उनके गुणों की जांच करने के बाद यदि वे राजकार्य संभालने में परिपक्व और ईमानदार सिद्ध हों, तो राजा को चाहिए कि उनमें से पांच व्यक्तियों का चयन करके उन्हें वित्त मंत्री बना दे।
After examining the qualities of those who have polite intelligence, beautiful nature, sharpness, bravery, forgiveness, purity, love, perseverance and stability, if they are proven to be mature and honest in handling the royal duties, then the king should select five people from among them and make them finance ministers.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥