Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.83.2: भीष्म ने कहा, "पुत्र! जो लोग विनम्र, संयमी, सत्यवादी, सरल तथा किसी भी विषय पर अच्छा प्रवचन देने में सक्षम हों, उन्हें ही तुम्हारे दरबार का सदस्य होना चाहिए।" | mahabharat अध्याय 12.83: सभासद् आदिके लक्षण, गुप्त सलाह सुननेके अधिकारी और अनधिकारी तथा गुप्त-मन्त्रणाकी विधि एवं स्थानका निर्देश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म ने कहा, "पुत्र! जो लोग विनम्र, संयमी, सत्यवादी, सरल तथा किसी भी विषय पर अच्छा प्रवचन देने में सक्षम हों, उन्हें ही तुम्हारे दरबार का सदस्य होना चाहिए।"
Bhishma said, "Son! Those who are modest, self-controlled, truthful, simple and capable of giving a good discourse on any subject should be the members of your court."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥