Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.83.13-15: महापुरुष के लक्षण इस प्रकार हैं - जिसका पराक्रम प्रत्यक्ष है, जिसके जीवन में यश सर्वोपरि है, जो अपनी प्रतिज्ञाओं पर दृढ़ रहता है, जो बलवानों का आदर करता है, जो प्रतियोगिता के अयोग्यों से ईर्ष्या नहीं करता, जो इच्छा, भय, क्रोध या लोभ से भी धर्म का उल्लंघन नहीं करता, जो अभिमान से रहित है, जो सत्यवादी, क्षमाशील, विजयी और माननीय है तथा जिसकी सभी परिस्थितियों में परीक्षा हो चुकी है; ऐसा पुरुष ही तुम्हारी गुप्त मंत्रणा में सहायता करे॥13-15॥ | mahabharat अध्याय 12.83: सभासद् आदिके लक्षण, गुप्त सलाह सुननेके अधिकारी और अनधिकारी तथा गुप्त-मन्त्रणाकी विधि एवं स्थानका निर्देश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रेयसो लक्षणं चैतद् विक्रमो यस्य दृश्यते।
कीर्तिप्रधानो यश्च स्यात् समये यश्च तिष्ठति॥ १३॥
समर्थान् पूजयेद् यश्च नास्पर्धै: स्पर्धते च य:।
न च कामाद्भयात् क्रोधाल्लोभाद्वा धर्ममुत्सृजेत् ॥ १४॥
अमानी सत्यवान् क्षान्तो जितात्मा मानसंयुत:।
स ते मन्त्रसहाय: स्यात् सर्वावस्थापरीक्षित:॥ १५॥
अनुवाद
महापुरुष के लक्षण इस प्रकार हैं - जिसका पराक्रम प्रत्यक्ष है, जिसके जीवन में यश सर्वोपरि है, जो अपनी प्रतिज्ञाओं पर दृढ़ रहता है, जो बलवानों का आदर करता है, जो प्रतियोगिता के अयोग्यों से ईर्ष्या नहीं करता, जो इच्छा, भय, क्रोध या लोभ से भी धर्म का उल्लंघन नहीं करता, जो अभिमान से रहित है, जो सत्यवादी, क्षमाशील, विजयी और माननीय है तथा जिसकी सभी परिस्थितियों में परीक्षा हो चुकी है; ऐसा पुरुष ही तुम्हारी गुप्त मंत्रणा में सहायता करे॥13-15॥
The characteristics of a great man are as follows: one whose valour is visible, in whose life fame is the most important, one who remains steadfast to his promises, who respects the powerful men, who is not jealous of those who are unfit to compete, who does not violate Dharma even out of desire, fear, anger or greed, who is devoid of pride, who is truthful, forgiving, victorious and honourable and who has been tested in all circumstances; only such a man should assist you in your secret consultation.॥13-15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥