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mahabharat 12.82.9: ऐसा कहकर वह बहुत से लोगों के साथ देश भर में घूमा और राजकार्य में लगे हुए सभी कर्मचारियों के कुकर्मों को अपनी आँखों से देखा॥9॥   |   mahabharat अध्याय 12.82: मन्त्रियोंकी परीक्षाके विषयमें तथा राजा और राजकीय मनुष्योंसे सतर्क रहनेके विषयमें कालकवृक्षीय मुनिका उपाख्यान   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 82: मन्त्रियोंकी परीक्षाके विषयमें तथा राजा और राजकीय मनुष्योंसे सतर्क रहनेके विषयमें कालकवृक्षीय मुनिका उपाख्यान  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  12.82.9 
इति राष्ट्रे परिपतन् बहुभि: पुरुषै: सह।
सर्वेषां राजयुक्तानां दुष्करं परिदृष्टवान्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर वह बहुत से लोगों के साथ देश भर में घूमा और राजकार्य में लगे हुए सभी कर्मचारियों के कुकर्मों को अपनी आँखों से देखा॥9॥
 
Saying this, he went around the country with many people. He saw with his own eyes the misdeeds of all the employees engaged in government work.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)