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mahabharat 12.82.69: कालकवृक्षि ऋषि ने अपनी बुद्धि के बल से प्रसिद्ध कोसलराज को संसार का एकछत्र सम्राट बना दिया और अनेक उत्तम यज्ञ सम्पन्न किये ॥69॥   |   mahabharat अध्याय 12.82: मन्त्रियोंकी परीक्षाके विषयमें तथा राजा और राजकीय मनुष्योंसे सतर्क रहनेके विषयमें कालकवृक्षीय मुनिका उपाख्यान   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 82: मन्त्रियोंकी परीक्षाके विषयमें तथा राजा और राजकीय मनुष्योंसे सतर्क रहनेके विषयमें कालकवृक्षीय मुनिका उपाख्यान  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  12.82.69 
एकच्छत्रां महीं कृत्वा कौसल्याय यशस्विने।
मुनि: कालकवृक्षीय ईजे क्रतुभिरुत्तमै:॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
कालकवृक्षि ऋषि ने अपनी बुद्धि के बल से प्रसिद्ध कोसलराज को संसार का एकछत्र सम्राट बना दिया और अनेक उत्तम यज्ञ सम्पन्न किये ॥69॥
 
By the power of his wisdom, the sage Kalavrikshi made the famous Kosala king the sole emperor of the world and performed many excellent yagyas. 69॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)