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mahabharat 12.82.6: हमने सुना है कि जब राजा क्षेमदर्शी कोसल के सिंहासन पर बैठे थे, उस समय कालकवृक्षीय ऋषि उस राज्य में आये थे ॥6॥   |   mahabharat अध्याय 12.82: मन्त्रियोंकी परीक्षाके विषयमें तथा राजा और राजकीय मनुष्योंसे सतर्क रहनेके विषयमें कालकवृक्षीय मुनिका उपाख्यान   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.82.6 
कोसलानामाधिपत्यं सम्प्राप्तं क्षेमदर्शिनम्।
मुनि: कालकवृक्षीय आजगामेति न: श्रुतम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
हमने सुना है कि जब राजा क्षेमदर्शी कोसल के सिंहासन पर बैठे थे, उस समय कालकवृक्षीय ऋषि उस राज्य में आये थे ॥6॥
 
We have heard that when King Kshemadarshi was sitting on the throne of Kosala, at that time the sage Kalaka-vrikshiya had come to that kingdom. ॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)