Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.82.58: राजा ने कहा, "हे ब्राह्मण! मैं तुम्हारे ऊपर आने वाले किसी भी भय या संकट को विशेष रूप से दूर कर दूँगा तथा तुम्हें यहाँ बड़े आदर और सम्मान के साथ रखूँगा। तुम मेरे द्वारा सम्मानित रहोगे और दीर्घकाल तक मेरे महल में रहोगे।" | mahabharat अध्याय 12.82: मन्त्रियोंकी परीक्षाके विषयमें तथा राजा और राजकीय मनुष्योंसे सतर्क रहनेके विषयमें कालकवृक्षीय मुनिका उपाख्यान । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा ने कहा, "हे ब्राह्मण! मैं तुम्हारे ऊपर आने वाले किसी भी भय या संकट को विशेष रूप से दूर कर दूँगा तथा तुम्हें यहाँ बड़े आदर और सम्मान के साथ रखूँगा। तुम मेरे द्वारा सम्मानित रहोगे और दीर्घकाल तक मेरे महल में रहोगे।"
The king said, "O Brahmin! I will specially remove any fear or danger that may come upon you and will keep you here with great respect and honour. You will be honoured by me and stay in my palace for a long time." 58.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥