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तस्य मे रोचते राजन् क्षुधितस्येव भोजनम्।
अमात्या मे न रोचन्ते वितृष्णस्य यथोदकम्॥ ५५॥
अनुवाद
जैसे भूखे को भोजन अच्छा लगता है, वैसे ही मुझे आपका दर्शन अच्छा लगता है; किन्तु जैसे प्यास न होने पर जल अच्छा नहीं लगता, वैसे ही आपके ये मंत्री मुझे अच्छे नहीं लगते।
Just as a hungry person likes food, similarly I like seeing you; but just as water does not taste good when one is not thirsty, similarly these ministers of yours do not seem good to me.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥