Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.82.43: अतः यहाँ किसी का भी रहना अच्छा नहीं है। यहाँ अच्छे-बुरे सब एक समान हैं। इस राज्य में बुरे और अच्छे दोनों प्रकार के लोग मारे जा सकते हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है ॥ 43॥ | mahabharat अध्याय 12.82: मन्त्रियोंकी परीक्षाके विषयमें तथा राजा और राजकीय मनुष्योंसे सतर्क रहनेके विषयमें कालकवृक्षीय मुनिका उपाख्यान । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अतो नायं शुभो वासस्तुल्ये सदसती इह।
वधो ह्येवात्र सुकृते दुष्कृते न च संशय:॥ ४३॥
अनुवाद
अतः यहाँ किसी का भी रहना अच्छा नहीं है। यहाँ अच्छे-बुरे सब एक समान हैं। इस राज्य में बुरे और अच्छे दोनों प्रकार के लोग मारे जा सकते हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है ॥ 43॥
Therefore, it is not good for anyone to live here. Here, good and bad are all the same. In this kingdom, both the evil doers and the good doers can be killed, there is no doubt about it. ॥ 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥