Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.82.4: राजकोष के सभी लुटेरे उस व्यक्ति को सताने लगते हैं जो राजा के कोष की रक्षा करने वाला होता है। यदि राजा उसकी रक्षा नहीं करता, तो वह बेचारा अकारण ही मारा जाता है ॥4॥ | mahabharat अध्याय 12.82: मन्त्रियोंकी परीक्षाके विषयमें तथा राजा और राजकीय मनुष्योंसे सतर्क रहनेके विषयमें कालकवृक्षीय मुनिका उपाख्यान । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजकोशस्य गोप्तारं राजकोशविलोपका:।
समेत्य सर्वे बाधन्ते स विनश्यत्यरक्षित:॥ ४॥
अनुवाद
राजकोष के सभी लुटेरे उस व्यक्ति को सताने लगते हैं जो राजा के कोष की रक्षा करने वाला होता है। यदि राजा उसकी रक्षा नहीं करता, तो वह बेचारा अकारण ही मारा जाता है ॥4॥
All the looters of the royal treasury start harassing the person who is supposed to protect the king's treasury. If the king does not protect him, then that poor man is killed without a reason. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥