Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.81.29-30h: महाबाहु माधव! कुकुर, भोज, अंधक और वृष्णिवंश के सभी यादव आपसे प्रेम करते हैं। अन्य लोग और यहाँ तक कि लोकों के स्वामी भी आपसे प्रेम करते हैं। अन्य लोगों की तो बात ही क्या? बड़े-बड़े ऋषि-मुनि भी आपकी बुद्धि का आश्रय लेते हैं॥ 29 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.81: कुटुम्बीजनोंमें दलबंदी होनेपर उस कुलके प्रधान पुरुषको क्या करना चाहिये? इसके विषयमें श्रीकृष्ण और नारदजीका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाबाहु माधव! कुकुर, भोज, अंधक और वृष्णिवंश के सभी यादव आपसे प्रेम करते हैं। अन्य लोग और यहाँ तक कि लोकों के स्वामी भी आपसे प्रेम करते हैं। अन्य लोगों की तो बात ही क्या? बड़े-बड़े ऋषि-मुनि भी आपकी बुद्धि का आश्रय लेते हैं॥ 29 1/2॥
Mahabahu Madhava! Kukura, Bhoja, Andhaka and all the Yadavas of Vrishni clan love you. Other people and even the Lord of the worlds love you. What to say about others? Even great sages and rishis take shelter of your wisdom.॥ 29 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥