Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.81.24: सभी बैल समतल भूमि पर भारी बोझ उठा सकते हैं; तथापि, केवल अच्छे बैल ही भारी बोझ उठा सकते हैं, जिसे उबड़-खाबड़ भूमि पर ले जाना कठिन होता है।   |   mahabharat अध्याय 12.81: कुटुम्बीजनोंमें दलबंदी होनेपर उस कुलके प्रधान पुरुषको क्या करना चाहिये? इसके विषयमें श्रीकृष्ण और नारदजीका संवाद   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 81: कुटुम्बीजनोंमें दलबंदी होनेपर उस कुलके प्रधान पुरुषको क्या करना चाहिये? इसके विषयमें श्रीकृष्ण और नारदजीका संवाद  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  12.81.24 
सर्व एव गुरुं भारमनड्वान् वहते समे।
दुर्गे प्रतीत: सुगवो भारं वहति दुर्वहम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
सभी बैल समतल भूमि पर भारी बोझ उठा सकते हैं; तथापि, केवल अच्छे बैल ही भारी बोझ उठा सकते हैं, जिसे उबड़-खाबड़ भूमि पर ले जाना कठिन होता है।
 
All oxen can carry heavy loads on level ground; however, only good oxen can carry heavy loads which are difficult to carry on rough ground.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)