Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.81.23: जो महापुरुष नहीं है, जिसने अपने मन को वश में नहीं किया है और जिसे सहायकों का आशीर्वाद नहीं है, वह कोई भी भारी बोझ नहीं उठा सकता। इसलिए तुम इस भारी बोझ को अपने हृदय से उठाकर सहन करो॥ 23॥ | mahabharat अध्याय 12.81: कुटुम्बीजनोंमें दलबंदी होनेपर उस कुलके प्रधान पुरुषको क्या करना चाहिये? इसके विषयमें श्रीकृष्ण और नारदजीका संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो महापुरुष नहीं है, जिसने अपने मन को वश में नहीं किया है और जिसे सहायकों का आशीर्वाद नहीं है, वह कोई भी भारी बोझ नहीं उठा सकता। इसलिए तुम इस भारी बोझ को अपने हृदय से उठाकर सहन करो॥ 23॥
He who is not a great man, who has not controlled his mind and who is not blessed with helpers, cannot lift any heavy burden. Therefore, you should take up this heavy burden with your heart and bear it.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥