Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.81.2: भीष्मजी ने कहा-युधिष्ठिर! इस विषय में विद्वान लोग देवर्षि नारद और भगवान श्रीकृष्ण के वार्तालाप के पूर्व इतिहास का उदाहरण देते हैं। 2॥   |   mahabharat अध्याय 12.81: कुटुम्बीजनोंमें दलबंदी होनेपर उस कुलके प्रधान पुरुषको क्या करना चाहिये? इसके विषयमें श्रीकृष्ण और नारदजीका संवाद   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 81: कुटुम्बीजनोंमें दलबंदी होनेपर उस कुलके प्रधान पुरुषको क्या करना चाहिये? इसके विषयमें श्रीकृष्ण और नारदजीका संवाद  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  12.81.2 
भीष्म उवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
संवादं वासुदेवस्य सुरर्षेर्नारदस्य च॥ २॥
 
 
अनुवाद
भीष्मजी ने कहा-युधिष्ठिर! इस विषय में विद्वान लोग देवर्षि नारद और भगवान श्रीकृष्ण के वार्तालाप के पूर्व इतिहास का उदाहरण देते हैं। 2॥
 
Bhishmaji said – Yudhishthir! In this matter, wise men give the example of past history of conversation between Devarshi Narad and Lord Shri Krishna. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)