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mahabharat 12.81.18: बड़े प्रयत्न और अत्यन्त कठिन कार्य से महाविनाशकारी युद्ध करके राज्य को पुनः प्राप्त करने का कार्य सम्पन्न किया जा सकता है, परन्तु इसमें बहुत धन लगेगा और फिर असंख्य लोगों का विनाश होगा ॥18॥   |   mahabharat अध्याय 12.81: कुटुम्बीजनोंमें दलबंदी होनेपर उस कुलके प्रधान पुरुषको क्या करना चाहिये? इसके विषयमें श्रीकृष्ण और नारदजीका संवाद   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 81: कुटुम्बीजनोंमें दलबंदी होनेपर उस कुलके प्रधान पुरुषको क्या करना चाहिये? इसके विषयमें श्रीकृष्ण और नारदजीका संवाद  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  12.81.18 
तच्च सिध्येत् प्रयत्नेन कृत्वा कर्म सुदुष्करम्।
महाक्षयं व्ययो वा स्याद् विनाशो वा पुनर्भवेत्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
बड़े प्रयत्न और अत्यन्त कठिन कार्य से महाविनाशकारी युद्ध करके राज्य को पुनः प्राप्त करने का कार्य सम्पन्न किया जा सकता है, परन्तु इसमें बहुत धन लगेगा और फिर असंख्य लोगों का विनाश होगा ॥18॥
 
With great effort and an extremely difficult task, the task of taking back the kingdom can be accomplished by fighting a war of great destruction, but this will involve a lot of money and will again result in the destruction of innumerable people. ॥18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)