Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.80.21: जिसका रूप सुन्दर और वाणी मधुर हो, जो क्षमाशील हो, निन्दा न करता हो, तथा जो कुलीन एवं शिष्ट हो, वही तुम्हारा प्रधान सचिव हो॥21॥ | mahabharat अध्याय 12.80: राजाके लिये मित्र और अमित्रकी पहचान तथा उन सबके साथ नीतिपूर्ण बर्तावका और मन्त्रीके लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रूपवर्णस्वरोपेतस्तितिक्षुरनसूयक:।
कुलीन: शीलसम्पन्न: स ते स्यात् प्रत्यनन्तर:॥ २१॥
अनुवाद
जिसका रूप सुन्दर और वाणी मधुर हो, जो क्षमाशील हो, निन्दा न करता हो, तथा जो कुलीन एवं शिष्ट हो, वही तुम्हारा प्रधान सचिव हो॥21॥
The one whose appearance is beautiful and voice sweet, who is forgiving, not a critic, and who is noble and well-mannered, should be your chief secretary. 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥