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श्लोक 12.80.17  |
यन्मन्येत ममाभावादस्याभावो भवेदिति।
तस्मिन् कुर्वीत विश्वासं यथा पितरि वै तथा॥ १७॥ |
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| अनुवाद |
| जिसके विषय में यह विश्वास हो कि यदि मैं नहीं रहूँगा तो यह भी नहीं रहेगा, उस पर पिता के समान विश्वास करना चाहिए ॥17॥ |
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| One about whom one has the belief that if I am not there then this one too will not be there, he should be trusted like a father. ॥ 17॥ |
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