Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.78.28: जो घोर यज्ञ करते हैं, वेदों का अध्ययन करते हैं, तप और व्रत करते हैं तथा आत्मशुद्धि के लिए अग्नि में प्रवेश करते हैं, वे वीर पुरुष भी उत्तम लोकों को प्राप्त होते हैं जो ब्राह्मणों के लिए प्राणों का त्याग करते हैं ॥28॥ | mahabharat अध्याय 12.78: आपत्तिकालमें ब्राह्मणके लिये वैश्यवृत्तिसे निर्वाह करनेकी छूट तथा लुटेरोंसे अपनी और दूसरोंकी रक्षा करनेके लिये सभी जातियोंको शस्त्र धारण करनेका अधिकार एवं रक्षकको सम्मानका पात्र स्वीकार करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो घोर यज्ञ करते हैं, वेदों का अध्ययन करते हैं, तप और व्रत करते हैं तथा आत्मशुद्धि के लिए अग्नि में प्रवेश करते हैं, वे वीर पुरुष भी उत्तम लोकों को प्राप्त होते हैं जो ब्राह्मणों के लिए प्राणों का त्याग करते हैं ॥28॥
Those who perform extreme sacrifices, study the Vedas, perform penance and fast and enter the fire for self-purification, even better worlds are attained by the brave men who sacrifice their lives for the Brahmins. 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥