Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.78.12-13: युधिष्ठिर ने पूछा- पितामह! हे राजन! यदि समस्त प्रजा शस्त्र धारण कर ले और अपने धर्म से च्युत हो जाए, तो क्षत्रियों की शक्ति क्षीण हो जाएगी। फिर राजा राष्ट्र की रक्षा कैसे कर सकेगा और समस्त प्रजा को आश्रय कैसे दे सकेगा? कृपया मेरे इस संदेह का विस्तारपूर्वक समाधान कीजिए॥ 12-13॥ | mahabharat अध्याय 12.78: आपत्तिकालमें ब्राह्मणके लिये वैश्यवृत्तिसे निर्वाह करनेकी छूट तथा लुटेरोंसे अपनी और दूसरोंकी रक्षा करनेके लिये सभी जातियोंको शस्त्र धारण करनेका अधिकार एवं रक्षकको सम्मानका पात्र स्वीकार करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर उवाच
अथ तात यदा सर्वा: शस्त्रमाददते प्रजा:।
व्युत्क्रामन्ति स्वधर्मेभ्य: क्षत्रस्य क्षीयते बलम्॥ १२॥
राजा त्राता तु लोकस्य कथं च स्यात् परायणम्।
एतन्मे संशयं ब्रूहि विस्तरेण नराधिप॥ १३॥
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा- पितामह! हे राजन! यदि समस्त प्रजा शस्त्र धारण कर ले और अपने धर्म से च्युत हो जाए, तो क्षत्रियों की शक्ति क्षीण हो जाएगी। फिर राजा राष्ट्र की रक्षा कैसे कर सकेगा और समस्त प्रजा को आश्रय कैसे दे सकेगा? कृपया मेरे इस संदेह का विस्तारपूर्वक समाधान कीजिए॥ 12-13॥
Yudhishthira asked- Father! O King! If all the people take up arms and fall from their Dharma, then the power of the Kshatriyas will be weakened. Then how can the king protect the nation and how can he provide shelter to all the people. Please resolve this doubt of mine in detail.॥ 12-13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥