Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.77.4: हे मनुष्यों के स्वामी! जिस राजा के राज्य में ब्राह्मण चोरी करने लगे, वह राजा अपराधी माना जाता है। विचारशील पुरुष इसे राजा का अपराध और पाप समझते हैं।॥4॥ | mahabharat अध्याय 12.77: केकयराज तथा राक्षसका उपाख्यान और केकयराज्यकी श्रेष्ठताका विस्तृत वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे मनुष्यों के स्वामी! जिस राजा के राज्य में ब्राह्मण चोरी करने लगे, वह राजा अपराधी माना जाता है। विचारशील पुरुष इसे राजा का अपराध और पाप समझते हैं।॥4॥
O Lord of men! The king in whose kingdom a Brahmin starts stealing is considered a criminal. Thoughtful men consider this to be the crime and sin of the king. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥