Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.77.30: हे केकयराज! जो राजा गौओं और ब्राह्मणों की रक्षा करते हैं और प्रजा का पालन करना अपना कर्तव्य समझते हैं, उन्हें राक्षसों का भय नहीं रहता; फिर उन्हें अग्नि का भय कैसे हो सकता है?॥30॥ | mahabharat अध्याय 12.77: केकयराज तथा राक्षसका उपाख्यान और केकयराज्यकी श्रेष्ठताका विस्तृत वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे केकयराज! जो राजा गौओं और ब्राह्मणों की रक्षा करते हैं और प्रजा का पालन करना अपना कर्तव्य समझते हैं, उन्हें राक्षसों का भय नहीं रहता; फिर उन्हें अग्नि का भय कैसे हो सकता है?॥30॥
O King of Kekaya! Those kings who protect cows and Brahmins and consider it their duty to look after their subjects, have no fear of demons; then how can they fear fire?॥ 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥