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तपस्विनो मे विषये पूजिता: परिपालिता:।
संविभक्ताश्च सत्कृत्य मामकान्तरमाविश:॥ २०॥
अनुवाद
मैंने अपने राज्य के तपस्वी ऋषियों की सदैव पूजा और रक्षा की है तथा उन्हें आदरपूर्वक सब कुछ दिया है। इतना सब होने पर भी आप मेरे शरीर में कैसे प्रवेश कर गए?॥20॥
I have always worshipped and protected the ascetic sages of my kingdom and have respectfully given them all that they need. Despite all this, how did you manage to enter my body?॥20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥