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श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 77: केकयराज तथा राक्षसका उपाख्यान और केकयराज्यकी श्रेष्ठताका विस्तृत वर्णन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  12.77.1 
युधिष्ठिर उवाच
केषां प्रभवते राजा वित्तस्य भरतर्षभ।
कया च वृत्त्या वर्तेत तन्मे ब्रूहि पितामह॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा- "भरत कुल के रत्न पितामह! राजा का किस प्रजा के धन पर अधिकार होता है? और राजा को कैसा आचरण करना चाहिए? यह मुझे बताइए।"
 
Yudhishthira asked- Grandfather, the jewel of Bharat's clan! Which people's wealth does the king have authority over? And how should the king behave? Tell me this.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)