Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.76.13: नरेशवर! यदि वेदों का विद्वान् या स्नातक ब्राह्मण जीविका के अभाव में चोरी करे, तो राजा को उसके भरण-पोषण की व्यवस्था करना उचित है; ऐसा वेद विशेषज्ञों का मत है। 13॥ | mahabharat अध्याय 12.76: उत्तम-अधम ब्राह्मणोंके साथ राजाका बर्ताव । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अवृत्त्या यो भवेत् स्तेनो वेदवित् स्नातकस्तथा।
राजन् स राज्ञा भर्तव्य इति वेदविदो विदु:॥ १३॥
अनुवाद
नरेशवर! यदि वेदों का विद्वान् या स्नातक ब्राह्मण जीविका के अभाव में चोरी करे, तो राजा को उसके भरण-पोषण की व्यवस्था करना उचित है; ऐसा वेद विशेषज्ञों का मत है। 13॥
Nareshwar! If a scholar of Vedas or a graduate Brahmin commits theft due to lack of livelihood, then it is right for the king to make arrangements for his maintenance; This is the opinion of Veda experts. 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥