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अल्पं हि सारभूयिष्ठं यत् कर्मोदारमेव तत्।
कृतमेवाकृताच्छ्रेयो न पापीयोऽस्त्यकर्मण:॥ २९॥
अनुवाद
कोई कार्य भले ही छोटा लगे, पर यदि उसमें बहुत सार है तो वह सचमुच महान है। कुछ न करने से कुछ करना बेहतर है, क्योंकि जो अपना कर्तव्य नहीं निभाता, उससे बड़ा कोई पापी नहीं है।
Even if a task appears small, if it has a lot of essence then it is indeed great. Doing something is better than not doing anything at all because there is no greater sinner than the one who does not perform his duty.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥