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mahabharat 12.75.16: जिस राज्य में धर्म नहीं है, उससे मेरा क्या लेना-देना? अतः अब मैं धर्म का पालन करने की इच्छा से वन में जाऊँगा॥16॥   |   mahabharat अध्याय 12.75: राजाके कर्तव्यका वर्णन, युधिष्ठिरका राज्यसे विरक्त होना एवं भीष्मजीका पुन: राज्यकी महिमा सुनाना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 75: राजाके कर्तव्यका वर्णन, युधिष्ठिरका राज्यसे विरक्त होना एवं भीष्मजीका पुन: राज्यकी महिमा सुनाना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  12.75.16 
तदलं मम राज्येन यत्र धर्मो न विद्यते।
वनमेव गमिष्यामि तस्माद् धर्मचिकीर्षया॥ १६॥
 
 
अनुवाद
जिस राज्य में धर्म नहीं है, उससे मेरा क्या लेना-देना? अतः अब मैं धर्म का पालन करने की इच्छा से वन में जाऊँगा॥16॥
 
What do I have to do with a kingdom in which there is no Dharma? So, now I will go to the forest with the desire to follow Dharma. ॥16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)