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mahabharat 12.74.20: तत्पश्चात् क्षत्रिय धर्म का पालन करने वाले राजा मुचुकुन्द ने अपने पराक्रम से प्राप्त इस वसुधा पर शासन किया॥20॥   |   mahabharat अध्याय 12.74: ब्राह्मण और क्षत्रियके मेलसे लाभका प्रतिपादन करनेवाला मुचुकुन्दका उपाख्यान   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 74: ब्राह्मण और क्षत्रियके मेलसे लाभका प्रतिपादन करनेवाला मुचुकुन्दका उपाख्यान  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  12.74.20 
ततो राजा मुचुकुन्द: सोऽन्वशासद् वसुन्धराम्।
बाहुवीर्यार्जितां सम्यक् क्षत्रधर्ममनुव्रत:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् क्षत्रिय धर्म का पालन करने वाले राजा मुचुकुन्द ने अपने पराक्रम से प्राप्त इस वसुधा पर शासन किया॥20॥
 
Thereafter, King Muchukunda, who strictly followed the Kshatriya Dharma, ruled this Vasudha, which he had achieved with his might. 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)