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mahabharat 12.74.19: भीष्म कहते हैं - युधिष्ठिर! राजा मुचुकुन्द को निर्भय होकर क्षत्रिय धर्म का पालन करते देखकर कुबेर को बड़ा आश्चर्य हुआ।   |   mahabharat अध्याय 12.74: ब्राह्मण और क्षत्रियके मेलसे लाभका प्रतिपादन करनेवाला मुचुकुन्दका उपाख्यान   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.74.19 
भीष्म उवाच
ततो वैश्रवणो राजा विस्मयं परमं ययौ।
क्षत्रधर्मे स्थितं दृष्ट्वा मुचुकुन्दमसम्भ्रमम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
भीष्म कहते हैं - युधिष्ठिर! राजा मुचुकुन्द को निर्भय होकर क्षत्रिय धर्म का पालन करते देखकर कुबेर को बड़ा आश्चर्य हुआ।
 
Bhishma says - Yudhishthira! Kubera was very surprised to see King Muchukunda observing the path of Kshatriya Dharma without any fear.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)