Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.74.15: अलकापते! इसलिए ब्राह्मण और क्षत्रिय दोनों मिलकर प्रजा का पालन करें। मैं भी इसी नीति से कार्य कर रहा हूँ; फिर आप मेरी निन्दा क्यों करते हैं?॥ 15॥ | mahabharat अध्याय 12.74: ब्राह्मण और क्षत्रियके मेलसे लाभका प्रतिपादन करनेवाला मुचुकुन्दका उपाख्यान । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ताभ्यां सम्भूय कर्तव्यं प्रजानां परिपालनम्।
तथा च मां प्रवर्तन्तं किं गर्हस्यलकाधिप॥ १५॥
अनुवाद
अलकापते! इसलिए ब्राह्मण और क्षत्रिय दोनों मिलकर प्रजा का पालन करें। मैं भी इसी नीति से कार्य कर रहा हूँ; फिर आप मेरी निन्दा क्यों करते हैं?॥ 15॥
‘Alakaapate! Therefore both Brahmins and Kshatriyas should together take care of the subjects. I am also working according to this policy; then why do you criticize me?॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥