Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.74.10: वह राजा भी बड़ा बलवान और अस्त्र-शस्त्र विद्या जानने वाला ज्ञानी था। वह मुझे सुख-दुःख देने वाला ईश्वर मानकर मेरे पास आता और मेरी पूजा करता था। ॥10॥ | mahabharat अध्याय 12.74: ब्राह्मण और क्षत्रियके मेलसे लाभका प्रतिपादन करनेवाला मुचुकुन्दका उपाख्यान । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते खल्वपि कृतास्त्राश्च बलवन्तश्च भूमिपा:।
आगम्य पर्युपासन्ते मामीशं सुखदु:खयो:॥ १०॥
अनुवाद
वह राजा भी बड़ा बलवान और अस्त्र-शस्त्र विद्या जानने वाला ज्ञानी था। वह मुझे सुख-दुःख देने वाला ईश्वर मानकर मेरे पास आता और मेरी पूजा करता था। ॥10॥
That king was also a powerful and knowledgeable person who knew the art of weapons. He used to come to me and worship me, considering me to be the God who could give happiness and sorrow. ॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥