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श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 74: ब्राह्मण और क्षत्रियके मेलसे लाभका प्रतिपादन करनेवाला मुचुकुन्दका उपाख्यान  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  12.74.1 
भीष्म उवाच
योगक्षेमो हि राष्ट्रस्य राजन्यायत्त उच्यते।
योगक्षेमो हि राज्ञो हि समायत्त: पुरोहिते॥ १॥
 
 
अनुवाद
भीष्म कहते हैं, 'हे राजन! राष्ट्र का कल्याण राजा के अधीन कहा गया है, किन्तु राजा का कल्याण पुरोहित के अधीन है।'
 
Bhishma says, 'O King! The welfare of the nation is said to be under the king, but the welfare of the king is under the priest.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)