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श्लोक 12.73.29  |
तं चैवान्वभिषिच्येत तथा धर्मो विधीयते।
अग्रॺो हि ब्राह्मण: प्रोक्त: सर्वस्यैवेह धर्मत:॥ २९॥ |
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| अनुवाद |
| राजा को चाहिए कि वह पहले किसी पुरोहित का चयन करे और फिर स्वयं अभिषेक करवाए। ऐसा करने से ही धर्म का पालन हो सकता है; क्योंकि धर्म के अनुसार यहाँ ब्राह्मण ही श्रेष्ठ कहा गया है। |
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| The king should first choose a priest and then get himself anointed. Only by doing so can the Dharma be followed; because according to Dharma, Brahmins are said to be the best here. 29. |
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