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तं चैवान्वभिषिच्येत तथा धर्मो विधीयते।
अग्रॺो हि ब्राह्मण: प्रोक्त: सर्वस्यैवेह धर्मत:॥ २९॥
अनुवाद
राजा को चाहिए कि वह पहले किसी पुरोहित का चयन करे और फिर स्वयं अभिषेक करवाए। ऐसा करने से ही धर्म का पालन हो सकता है; क्योंकि धर्म के अनुसार यहाँ ब्राह्मण ही श्रेष्ठ कहा गया है।
The king should first choose a priest and then get himself anointed. Only by doing so can the Dharma be followed; because according to Dharma, Brahmins are said to be the best here. 29.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥