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mahabharat 12.73.28: ब्राह्मण और क्षत्रिय में भेद होने के कारण प्रजा को बहुत कष्ट उठाना पड़ता है। इन सब बातों को समझकर राजा को सदाचारी और ज्ञानी पुरोहित को नियुक्त करना चाहिए॥ 28॥   |   mahabharat अध्याय 12.73: विद्वान् सदाचारी पुरोहितकी आवश्यकता तथा ब्राह्मण और क्षत्रियमें मेल रहनेसे लाभविषयक राजा पुरूरवाका उपाख्यान   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 73: विद्वान् सदाचारी पुरोहितकी आवश्यकता तथा ब्राह्मण और क्षत्रियमें मेल रहनेसे लाभविषयक राजा पुरूरवाका उपाख्यान  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  12.73.28 
मिथोभेदाद् ब्राह्मणक्षत्रियाणां
प्रजा दु:खं दु:सहं चाविशन्ति।
एवं ज्ञात्वा कार्य एवेह नित्यं
पुरोहितो नैकविद्यो नृपेण॥ २८॥
 
 
अनुवाद
ब्राह्मण और क्षत्रिय में भेद होने के कारण प्रजा को बहुत कष्ट उठाना पड़ता है। इन सब बातों को समझकर राजा को सदाचारी और ज्ञानी पुरोहित को नियुक्त करना चाहिए॥ 28॥
 
Due to differences between Brahmins and Kshatriyas, the people have to suffer a lot. After understanding all these things, the king should appoint a virtuous and knowledgeable priest for all time.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)