Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.72.5: हे भारतश्रेष्ठ! इसके बाद इन तीनों वर्णों की सेवा के लिए ब्रह्माजी के दो चरणों से चौथा वर्ण शूद्र उत्पन्न हुआ॥5॥   |   mahabharat अध्याय 12.72: राजाके लिये सदाचारी विद्वान् पुरोहितकी आवश्यकता तथा प्रजापालनका महत्त्व   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 72: राजाके लिये सदाचारी विद्वान् पुरोहितकी आवश्यकता तथा प्रजापालनका महत्त्व  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  12.72.5 
वर्णानां परिचर्यार्थं त्रयाणां भरतर्षभ।
वर्णश्चतुर्थ: पश्चात् तु पद्भॺां शूद्रो विनिर्मित:॥ ५॥
 
 
अनुवाद
हे भारतश्रेष्ठ! इसके बाद इन तीनों वर्णों की सेवा के लिए ब्रह्माजी के दो चरणों से चौथा वर्ण शूद्र उत्पन्न हुआ॥5॥
 
Bharatshrestha! After this, the fourth caste Shudra was created from the two feet of Brahmaji to serve these three castes. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)