Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.72.1: भीष्मजी बोले - राजन! राजा को ऐसे विद्वान ब्राह्मण को अपना पुरोहित बनाना चाहिए, जो उसके अच्छे कर्मों की रक्षा करे और बुरे कर्मों से दूर रखे (तथा जो उसके अच्छे कर्मों की रक्षा करे और बुरे कर्मों का निवारण करे)।॥1॥ | mahabharat अध्याय 12.72: राजाके लिये सदाचारी विद्वान् पुरोहितकी आवश्यकता तथा प्रजापालनका महत्त्व । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्मजी बोले - राजन! राजा को ऐसे विद्वान ब्राह्मण को अपना पुरोहित बनाना चाहिए, जो उसके अच्छे कर्मों की रक्षा करे और बुरे कर्मों से दूर रखे (तथा जो उसके अच्छे कर्मों की रक्षा करे और बुरे कर्मों का निवारण करे)।॥1॥
Bhishmaji said – King! The king should make such a learned Brahmin his priest, who will protect his good deeds and keep him away from bad deeds (and who will protect his good and prevent his bad). 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥