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मा स्म ते ब्राह्मणं दृष्ट्वा धनस्थं प्रचलेन्मन:।
अन्त्यायामप्यवस्थायां किमु स्फीतस्य भारत॥ २२॥
अनुवाद
भरतनंदन! धनवान होने से क्या लाभ? यदि आप अत्यंत दरिद्र भी हो जाएँ, तो भी आपका मन किसी धनवान ब्राह्मण का धन लेने के लिए व्याकुल नहीं होना चाहिए।
Bharatanandan! What is the point of being wealthy? Even if you fall into a very poor state, your mind should not be restless to take the wealth of a rich Brahmin. 22.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥