Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.71.2: भीष्मजी बोले- हे राजन! मैं आपके लिए सनातन राज-कर्तव्यों का संक्षेप में वर्णन करूँगा। यदि मैं उनका विस्तारपूर्वक वर्णन करने लगूँ, तो वे कर्तव्य कभी समाप्त नहीं होंगे॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 12.71: धर्मपूर्वक प्रजाका पालन ही राजाका महान् धर्म है, इसका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म उवाच
समासेनैव ते राजन् धर्मान् वक्ष्यामि शाश्वतान्।
विस्तरेणैव धर्माणां न जात्वन्तमवाप्नुयात्॥ २॥
अनुवाद
भीष्मजी बोले- हे राजन! मैं आपके लिए सनातन राज-कर्तव्यों का संक्षेप में वर्णन करूँगा। यदि मैं उनका विस्तारपूर्वक वर्णन करने लगूँ, तो वे कर्तव्य कभी समाप्त नहीं होंगे॥ 2॥
Bhishmaji said- O King! I will briefly describe the eternal royal duties for you. If I start describing them in detail, then those duties will never end.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥