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mahabharat 12.69.d10: राजा को केवल उन्हीं मंत्रियों की बात सुननी चाहिए जो अपनी बुद्धिमत्ता के लिए प्रसिद्ध हों, जिन पर सभी कार्यों में भरोसा किया जा सके और जिनका कार्य युद्ध के दौरान देखा गया हो।   |   mahabharat अध्याय 12.69: राजाके प्रधान कर्तव्योंका तथा दण्डनीतिके द्वारा युगोंके निर्माणका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 69: राजाके प्रधान कर्तव्योंका तथा दण्डनीतिके द्वारा युगोंके निर्माणका वर्णन  »  श्लोक d10
 
 
श्लोक  12.69.d10 
विद्वांस: प्रथिता ये च ये चाप्ता: सर्वकर्मसु॥
युद्धेषु दृष्टकर्माणस्तेषां च शृणुयान्नृप:।
 
 
अनुवाद
राजा को केवल उन्हीं मंत्रियों की बात सुननी चाहिए जो अपनी बुद्धिमत्ता के लिए प्रसिद्ध हों, जिन पर सभी कार्यों में भरोसा किया जा सके और जिनका कार्य युद्ध के दौरान देखा गया हो।
 
The king should listen to only those ministers who are renowned for their wisdom, who can be trusted in all tasks and whose performance has been observed during wars.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)