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mahabharat 12.69.8: तत्पश्चात् जो लोग भली-भाँति परखे गए हों, बुद्धिमान होते हुए भी गूंगे, अंधे या बहरे दिखाई देते हों, तथा जिनमें भूख, प्यास और परिश्रम सहने की शक्ति हो, उन्हें गुप्तचर बनाकर आवश्यक कार्यों में लगाना चाहिए॥8॥   |   mahabharat अध्याय 12.69: राजाके प्रधान कर्तव्योंका तथा दण्डनीतिके द्वारा युगोंके निर्माणका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 69: राजाके प्रधान कर्तव्योंका तथा दण्डनीतिके द्वारा युगोंके निर्माणका वर्णन  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  12.69.8 
प्रणिधींश्च तत: कुर्याज्जडान्धबधिराकृतीन्।
पुंस: परीक्षितान् प्राज्ञान् क्षुत्पिपासाश्रमक्षमान्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् जो लोग भली-भाँति परखे गए हों, बुद्धिमान होते हुए भी गूंगे, अंधे या बहरे दिखाई देते हों, तथा जिनमें भूख, प्यास और परिश्रम सहने की शक्ति हो, उन्हें गुप्तचर बनाकर आवश्यक कार्यों में लगाना चाहिए॥8॥
 
Thereafter, those people who have been thoroughly tested, who, in spite of being intelligent, appear to be dumb, blind or deaf, and who have the strength to bear hunger, thirst and hard work, should be made spies and employed in essential tasks.॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)