Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.69.66: हे नरसिंह! जो राजा छह गुणों, तीन वर्णों और तीन परम वर्णों को भली-भाँति जानता है, वही इस पृथ्वी का उपभोग कर सकता है।   |   mahabharat अध्याय 12.69: राजाके प्रधान कर्तव्योंका तथा दण्डनीतिके द्वारा युगोंके निर्माणका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 69: राजाके प्रधान कर्तव्योंका तथा दण्डनीतिके द्वारा युगोंके निर्माणका वर्णन  »  श्लोक 66
 
 
श्लोक  12.69.66 
षाड्गुण्यं च त्रिवर्गं च त्रिवर्गपरमं तथा।
यो वेत्ति पुरुषव्याघ्र स भुङ्‍क्ते पृथिवीमिमाम्॥ ६६॥
 
 
अनुवाद
हे नरसिंह! जो राजा छह गुणों, तीन वर्णों और तीन परम वर्णों को भली-भाँति जानता है, वही इस पृथ्वी का उपभोग कर सकता है।
 
O lion of men! Only that king who knows the six Gunas, the three classes and the three supreme classes well, can enjoy this earth. 66.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)