Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.69.64-65: हे कुरुपुत्र! राजा के लिए सात वस्तुओं की रक्षा करना उचित है। वे सात कौन हैं? मेरी बात सुनो। राजा का अपना शरीर, मंत्री, कोष, सेना, मित्र, राष्ट्र और नगर - ये राज्य के सात अंग हैं, राजा को इन सबकी बड़े यत्न से देखभाल करनी चाहिए। | mahabharat अध्याय 12.69: राजाके प्रधान कर्तव्योंका तथा दण्डनीतिके द्वारा युगोंके निर्माणका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे कुरुपुत्र! राजा के लिए सात वस्तुओं की रक्षा करना उचित है। वे सात कौन हैं? मेरी बात सुनो। राजा का अपना शरीर, मंत्री, कोष, सेना, मित्र, राष्ट्र और नगर - ये राज्य के सात अंग हैं, राजा को इन सबकी बड़े यत्न से देखभाल करनी चाहिए।
O son of Kuru! It is proper for the king to protect seven things. Who are those seven? Listen to me. The king's own body, ministers, treasury, army, friends, nation and city - these are the seven parts of the kingdom, the king should take care of all of them with great effort. 64-65.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥