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mahabharat 12.69.60: सामान्य परिस्थितियों में राजा को अभिनेताओं, नर्तकों, पहलवानों और बाजीगरों को भी आश्रय देना चाहिए क्योंकि वे राजधानी की शोभा बढ़ाते हैं और अपने तमाशों से सभी का मनोरंजन करते हैं।   |   mahabharat अध्याय 12.69: राजाके प्रधान कर्तव्योंका तथा दण्डनीतिके द्वारा युगोंके निर्माणका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 69: राजाके प्रधान कर्तव्योंका तथा दण्डनीतिके द्वारा युगोंके निर्माणका वर्णन  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  12.69.60 
नटांश्च नर्तकांश्चैव मल्लान् मायाविनस्तथा।
शोभयेयु: पुरवरं मोदयेयुश्च सर्वश:॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
सामान्य परिस्थितियों में राजा को अभिनेताओं, नर्तकों, पहलवानों और बाजीगरों को भी आश्रय देना चाहिए क्योंकि वे राजधानी की शोभा बढ़ाते हैं और अपने तमाशों से सभी का मनोरंजन करते हैं।
 
Under normal circumstances, the king should also give shelter to actors, dancers, wrestlers and jugglers because they enhance the beauty of the capital and provide entertainment to everyone with their shows. 60.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)