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mahabharat 12.69.39: नदी मार्ग में पड़ने वाले सभी पुलों को नष्ट कर दो। शत्रु के मार्ग में पड़ने वाले जलाशयों का सारा पानी इधर-उधर बहा दो। जो पानी नहीं निकल सकता उसे इतना प्रदूषित कर दो कि वह पीने योग्य न रहे।   |   mahabharat अध्याय 12.69: राजाके प्रधान कर्तव्योंका तथा दण्डनीतिके द्वारा युगोंके निर्माणका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 69: राजाके प्रधान कर्तव्योंका तथा दण्डनीतिके द्वारा युगोंके निर्माणका वर्णन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  12.69.39 
नदीमार्गेषु च तथा संक्रमानवसादयेत्।
जलं विस्रावयेत् सर्वमविस्राव्यं च दूषयेत्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
नदी मार्ग में पड़ने वाले सभी पुलों को नष्ट कर दो। शत्रु के मार्ग में पड़ने वाले जलाशयों का सारा पानी इधर-उधर बहा दो। जो पानी नहीं निकल सकता उसे इतना प्रदूषित कर दो कि वह पीने योग्य न रहे।
 
Destroy all the bridges that fall on the river routes. Let all the water from the reservoirs on the enemy's route flow here and there. Pollute the water that cannot be drained so that it becomes unfit for drinking.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)