Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.69.34: उस समय अपने कर्तव्य पर विचार करने के लिए मित्रों की सहायता लेनी चाहिए, उनकी सलाह से पहले अपनी रक्षा के लिए उचित प्रबंध करना चाहिए; फिर शांति, फूट या युद्ध में से क्या करना चाहिए, इस पर विचार करके तदनुसार कार्य करना चाहिए। | mahabharat अध्याय 12.69: राजाके प्रधान कर्तव्योंका तथा दण्डनीतिके द्वारा युगोंके निर्माणका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय अपने कर्तव्य पर विचार करने के लिए मित्रों की सहायता लेनी चाहिए, उनकी सलाह से पहले अपनी रक्षा के लिए उचित प्रबंध करना चाहिए; फिर शांति, फूट या युद्ध में से क्या करना चाहिए, इस पर विचार करके तदनुसार कार्य करना चाहिए।
At that time, one should take the help of friends to think about the duty that is at hand and, with their advice, first make suitable arrangements for one's own protection; then, after thinking about whether to do peace, division or war, one should act accordingly. 34.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥