Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.69.30: जो राजा दण्ड को ठीक से धारण करता है, वह सदैव धर्म का भागी होता है। राजा के लिए दण्ड को निरन्तर धारण करना उत्तम धर्म माना गया है और उसकी प्रशंसा की जाती है। ॥30॥ | mahabharat अध्याय 12.69: राजाके प्रधान कर्तव्योंका तथा दण्डनीतिके द्वारा युगोंके निर्माणका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो राजा दण्ड को ठीक से धारण करता है, वह सदैव धर्म का भागी होता है। राजा के लिए दण्ड को निरन्तर धारण करना उत्तम धर्म माना गया है और उसकी प्रशंसा की जाती है। ॥30॥
A king who holds the staff properly is always a part of Dharma. It is considered to be the best Dharma for a king to hold the staff continuously and is praised. ॥ 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥