Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.69.15: शत्रु को अपनी दुर्बलता या हीनता का ज्ञान होने से पहले ही उसके साथ संधि कर लेनी चाहिए। यदि इस संधि के द्वारा कोई प्रयोजन सिद्ध करना हो, तो विद्वान और बुद्धिमान राजा को इसमें विलम्ब नहीं करना चाहिए।॥15॥ | mahabharat अध्याय 12.69: राजाके प्रधान कर्तव्योंका तथा दण्डनीतिके द्वारा युगोंके निर्माणका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शत्रु को अपनी दुर्बलता या हीनता का ज्ञान होने से पहले ही उसके साथ संधि कर लेनी चाहिए। यदि इस संधि के द्वारा कोई प्रयोजन सिद्ध करना हो, तो विद्वान और बुद्धिमान राजा को इसमें विलम्ब नहीं करना चाहिए।॥15॥
One should enter into a treaty with the enemy before he gets to know of one's weakness or inferiority. If one wishes to achieve some purpose through this treaty, then a learned and intelligent king should not delay in doing this.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥