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mahabharat 12.69.13: हे पाण्डुपुत्र! इस प्रकार बुद्धिमान राजा को शत्रु के गुप्तचरों पर दृष्टि रखते रहना चाहिए। यदि वह शत्रु के गुप्तचरों का पहले ही पता लगा ले, तो उसे बहुत लाभ होता है ॥13॥   |   mahabharat अध्याय 12.69: राजाके प्रधान कर्तव्योंका तथा दण्डनीतिके द्वारा युगोंके निर्माणका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 69: राजाके प्रधान कर्तव्योंका तथा दण्डनीतिके द्वारा युगोंके निर्माणका वर्णन  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  12.69.13 
एवं विचिनुयाद् राजा परचारं विचक्षण:।
चारे हि विदिते पूर्वं हितं भवति पाण्डव॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हे पाण्डुपुत्र! इस प्रकार बुद्धिमान राजा को शत्रु के गुप्तचरों पर दृष्टि रखते रहना चाहिए। यदि वह शत्रु के गुप्तचरों का पहले ही पता लगा ले, तो उसे बहुत लाभ होता है ॥13॥
 
O son of Pandu! In this way a wise king should keep on looking out for the spies of the enemy. If he finds out about the enemy's spy beforehand, it is of great benefit to him. ॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)